यादगार उर्दू ग़ज़लें

Yaadgaar Urdu Gazlein - Prakash Pandit

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उर्दू शायरी और ग़ज़ल को लोकप्रिय बनाने में प्रकाश पंडित का महत्त्‍वपूर्ण और अपार योगदान है।

बीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध में प्रकाश पंडित प्रतिष्ठित प्रकाशन संस्‍थाओं — राजपाल, हिन्द पॉकेट बुक्स और ओरिएंट पब्लिशिंग — के विशिष्ट सम्‍पादक थे। चूंकि वह उर्दू शायरी के विद्वान् और प्रशंसक भी थे, उन्होंने उर्दू शायरी को आम पाठकों के बीच लोकप्रिय बनाने का निर्णय किया; नये-पुराने नामी शायरों की शायरी का देवनागरी (हिन्दी) में लिप्यंतरण किया और हिन्दी में उर्दू शायरी के अनेक संकलन प्रकाशित किये। प्रत्येक पुस्तक लाखों की संख्‍या में बिकी और आज तक बिक रही हैं।

उन्‍होंने अपनी पुस्तकों में उर्दू के कठिन शब्दों के अर्थ देकर तथा आवश्‍यकतानुसार टिप्पणियां लिखकर आम आदमी के लिये उर्दू शायरी को अर्थपूर्ण और लोकप्रिय बनाया।

उनके द्वारा सम्पादित पुस्तकें विश्‍वभर में शायरी प्रेमियों में बेहद लोकप्रिय हुर्इं। हिन्दी साहित्य को ग़ज़ल की विधा से परिचित कराने के उनके श्रेय को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।

यह पुस्तक उनकी अन्तिम दो पुस्‍तकों में से एक है।

Editor

प्रकाश पंडित 

Book Details

Format: eBook | Language: Hindi